दोस्तों हम सभी में कभी न कभी उत्साह की कमी आ ही जाती है और इसमें कुछ भी बुरा नहीं यह एकदम सामान्य सा है क्योंकि जब गाड़ी में तेल खत्म हो जाए तो इसमें दोस गाड़ी का नहीं है बल्की गलत तो तब है जब गाड़ी में तेल डाला ही ना जाए तो हमें जो यह बाहर से मोटिवेशन मिलता है यह हमारे अंदर के इंजन को एकदम तेल देने जैशा है और यह कविता भी किसी दमदार ईंधन से कम नहीं है !
मेरे लिए तो यह कविता किसी दवा से कम नहीं है उम्मीद करती हूँ की ये आप को भी पसंद आई होगी ,वैसे आप को ये कविता कैसी लगी हमे कमेन्ट बॉक्स में बताये और इसे फेसबुक , whatsapp हर जगह जरुर शेअर करे ..जिससे दोबारा कभी किसी के आत्मविश्वास में कमी न आये ! और निरंतर अपडेट पाने के लिए हमारा fb पेज www.fb.com/oosir को जरुर लाइक करे धन्यवाद !
( आत्मविश्वास )
यदि विश्वास तुम्हे अपने पर , तो तुम सब कुछ कर सकते हो
अपने साथ दूसरों के भी , दुख दरिद्र सब हर सकते हो
जन्म सफलता का होता है , निज सुदृढ़ इच्छा शक्ति से
और सफलता भी मिलती है , मेहनत लगन और भक्ति से
निश्चित सफल बनोगे तुम यदि , पहले दृढ़ संकल्प बनाओ
इसके बाद राह तुम खोजो , और राह पर बढ़ते जाओ
कभी कभी आगे बढ़ने पर , असफलता भी आ सकती है
आगे बढ़ने वाले पग में कंटक सघन बिछा सकती है
लेकिन ऐसा होने पर तुम , फिर से दृढ़ संकल्प पर बनाओ
और बना मजबूत हृदय को , तूफानों से जा टकराओ
जीवन को संघर्ष समझकर , संघर्षों से मत घबराओ
जीवन भर संघर्ष करो तुम, अपना जीवन सफल बनाओ.

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें